Mardaani 3 Review: उम्दा अभिनय और दमदार एक्शन से एक बार फिर परदे पर छाई शिवानी शिवाजी रॉय

- Gaurav
कलाकार: रानी मुखर्जी, मल्लिका प्रसाद, मिखाइल यावलकर,जानकी बोदीवाला
फिल्म : 2 घंटा 09 मिनट
स्टार : 3***
अनुभव के साथ अभिनय में किस कदर परिपक्वता का समावेश होता है मर्दानी 3 ( Mardaani 3 ) इस बात का बेहतरीन उदाहरण है। पूरी फिल्म को अपने कंधे पर ढोती रानी मुखर्जी एक्शन से लेकर भावनात्मक दृश्यों में उसी परिपक्वता का बखूबी एहसास दिलाती हैं. सीन दर सीन दर्शकों को उनकी मौजूदगी महसूस होती है और फिल्म साधारण कहानी के बावजूद देखने योग्य बन जाती है.

कई बार देखी जा चुकी लगती साधारण सी कहानी के बावजूद फिल्म का फर्स्ट हाफ आपको थिएटर की कुर्सी से बाँध कर रख देगा. फिल्म के ओपनिंग सीन्स में दिखाए गए एक्शन और रानी मुखर्जी की एंट्री सीन एक अलग तरह का रोमांच पैदा कर देता है जो मध्यांतर तक वैसे ही रोमांचक बना रहता है. पर सेकंड हाफ में कहानी पटरी से उतर जाती है और आम बॉलीवुडिया फिल्म बन जाती है. बावजूद इसके रानी के अलावा मुख्य नेगेटिव अम्माजी के किरदार में मल्लिका प्रसाद और रामानुजन के किरदार में मिखाइल यावलकर पूरी फिल्म को आपकी तालियों आर वाहवाही का हकदार बना देते हैं.

फिल्म गर्ल चाइल्ड ट्रैफिकिंग के मुद्दे पर बनी है जिसमें बच्चियों की किडनेपिंग का एक खास मकसद होता है. गरीब बच्चियों की इस ट्रैफिकिंग में दिलचस्प मोड़ तब आता है जब किडनैपर की गलती से एक हाई प्रोफाइल फॅमिली की बच्ची का अपहरण हो जाता है. केस की गुत्थी सुलझाती शिवानी शिवजी रॉय इस केस के जरिये एक ऐसे रैकेट तक पंहुच जाती है जो उसकी सोच से कही बड़ा और खतरनाक है.
फिल्म की औसत कहानी और ठीक-ठाक निर्देशन की बात छोड़ दें तो भी फिल्म को देखने की अपनी कई वजह है. किरदारों के उम्दा अभिनय के साथ-साथ कहानी के एक्शन दृश्य, लोकेशंस का चुनाव, फियर-सस्पेंस और एक्शन दृश्यों में गूजबंप्स देता बैकग्राउंड स्कोर तो देकने का कारण हैं ही साथ ही साथ रानी मुखर्जी भी अपने आप में इस फिल्म को देखे जाने का एक मुकम्मल कारण हैं.
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कुल मिलाकर यशराज की ये फ्रेंचाइजी ऐसी फिल्म है जो एक बार थिएटर में देखने पर आपको निराश तो बिलकुल नहीं करेगी.
